Behakti ye nazar – Hindi Poem On Love

बहकती ये नज़र अब किसे बह्काएगी
तेरी याद की ये तड़प अब और कितना तडपाएगी
तेरे लब पर खिलती हुई जब एक हंसी आयेगी
प्या बताऊँ देख के तुझे ज़ालिम जान ये मेरी जाएगी
बादलों से तेज़ बरसात होगी
जब अपनी मीठी मुलाकात होगी
इस तड़पते दिल को जोर से तब धडकाएगी
जब सब तूफ़ान को चीर कर पास तू मेरे आयेगी

How to read:
Bahkati ye nazar ab kise bhkayengi
Teri yaad ki ye tadap ab aur kitna tadpayegi
Tere lab par khilti hue jab ek hansi aayegi
Kya btaun dekh ke tujhe jalim jaan ye meri jayegi
Badlo se tez barsaat hogi
Jab apni mithi mulakaat hogi
Es tadpte dil ko jaur se tab dhdkayegi
jab sab tufaan ko cheer kar paas tu mere aayegi

Hindi Love SMS Ideas

Here are few Hindi love SMS ideas :

हिंदी में कीजिये लव एस ऍम एस :

  • बहुत खूबसूरत हो तुम। तुम्हारी बातें, तुम्हारी आंखें, दिल तुम्हें चाहता है.
  • तुमसे मिलने को दिल बेक़रार है , जल्दी आजाओ जानम मौसम में बहार है .
  • तुझसे मिलते मिलते अब तुझसे मिलने की आदत सी हो गयी है . क्या कहें लगता है मोहब्बत सी हो गयी है .
  • तुम्हारी आंखें, तुम्हारी बातें, घनेरी जुल्फें, सबने मिलकर दिल चुरा लिया .
  • जिधर देखता हूँ दिखे बस तू ही तू, ओह मेरी प्रिय मेरे दिल में तू .
  • तुमसे कैसे कहें कितने अच्छे लगते हो तुम .
  • दिल के हर कोने में लिखा है बस तेरा नाम, आजा मुझसे मिलने सुबह हो या शाम .
  • बातें आज भी है और कल भी रहेंगी , मोहब्बतें दिल में आज भी है और कल भी रहेंगी .
  • प्यार का एहसास तुमसे सीखा, तुमको पाया जहान मिल गया है .
  • इतना भी न इतरा  के चलो कि दिल के टुकड़े भी न बिखरा के चलो .

 

Hindi Love Poem – Khwabo mein jab aate ho

ख्वाबों में जब आते हो – हिंदी कविता 

ख्वाबों में जब आते हो 

क्यों इतना तड़पाते हो 

दिल के बाग़ के गुलाब हो तुम

क्या कहूँ कितने लाजवाब हो तुम

तुम्हें देख कर आहें भरती हूँ 

न दिखो कभी तो डरती हूँ 

ओ मेरे मन मंदिर के राजा 

करलो मुझसे अब इक वादा

छोड़ोगे न मेरा दामन  

चाहे बीतें जन्मों जनम 

Teri Zarurat Hai – Hindi Poem

Jidhar dekhu tu hi nazar aata hai mujhe

Haan mujhe teri zarurat hai

Wo tera pyara sa chehra ab mujhe satata hai

Haan mujhe teri zarurat hai

Jab se tu gaya hai kismat ne muh moda hai

Haan mujhe teri zarurat hai

Mumkin nahi ki tere us jahan mein main ja pau

Par mujhe teri zarurat hai

Dard ke kuch tukdey jodne chala hai dil-Hindi Love Poem

Dard ke kuch tukdey jodne chala hai dil

Dard wo jo gum ke hatho kabhi pala tha

Dard wo jiski siski hamesha khamoshi mein thi gum

Dard wo jiske aansu piyey the aur pitey aye hain aaj bhi hum

Dard wo jis se rishta apna bada purana hai

Dard wo jo na badla badal gaya bhale zamana hai

Haan Mujhe Tumse Hui Mohabbat Hai-Hindi Love Poem

हाँ मुझे तुमसे हुई मोहब्बत है..

हाँ मुझे तुमसे हुई मोहब्बत है..

तुम जो दिन – रात ख्वाबों में समाये हो..

तुम  ही मेरे खयालों में अब छाए हो..

जब सोचता हूँ तुम्हारे दीदार के बारे में..

तब  दिल  में  मीठा  दर्द  उठ  जाता  है..

लोग  समझाते  हैं  मुझे  क्या  करते  हो ..

इश्क करना ठीक पर थोड़ा थोड़ा करते रहो..

लेकिन इनको  कौन समझाए आखिर..

इश्क में क्या कम और क्या थोड़ा होता है..

तुम जैसा दिलदार जिसकी किस्मत में आ जाये..

उसकी दीवानगी का कोई साहिल नहीं होता है..

अब तो तुम्हारी आँखों के जाम पी कर..

तुम्हारी बातों की मिठास में जी कर…

ये ज़िन्दगी गुज़रेगी.. यूँ ही .. यूँ ही.. यूँ ही…

Wo teri zulfo ka lehra kar bikharna..

Wo teri zulfo ka lehra kar bikharna..

Wo tera zulfo ko ungliyo se sehlana..

Wo tere chehre ka chand se tez noor..

Wo tera ankho se teer chala ke dil ko karna choor..

Wo tera mast mast chal mein chalna..

Kabhi dheere dheere aur kabhi tez tez chalna..

Wo tere komal hatho ki narmi..

Wo teri har baat mein pyaar ki khushbu..

Kya batau tujhe oo mere pyaare qatil..

Wo tera har baar mera qatal ankho se karna..

Aur mera yu hi ghayal ho ke girna ..

Aur phir gir ke sambhalna…

जब से तुम मिले हो-हिंदी कविता

जब से तुम मिले हो मेरे जानम

दूर हुए हैं सारे गम

भूल गए हम कि क्या थे हम

ये भी याद नहीं अब क्या हैं हम

शीशा देखें तो याद आते हो तुम

सुबह की किरण से मुस्कुराते हो तुम

फूलों से खूबसूरत और कमल से कोमल हो तुम

लाखों करोड़ों में एक चाँद की सूरत हो तुम

तुमसे क्या कहें कि कितनी प्यारी मूरत हो तुम

हम तो यह ही सोचते रह जाते हैं

कि तुमको निहारें या तुम्हारी कारीगरी को

–  अनुष्का

इश्क में कैसा ये मंज़र आ रहा है

इश्क में कैसा ये मंज़र आ रहा  है

तेरा नशा रातों में अब जगा रहा है

अगर खुदा ने पूछा मुझको क्यों भुला दिया है

तो मैं कह दूंगा कि ये सब दिलदार का किया हुआ है

जो पी लेते हैं तेरी मस्त मस्त आँखों के जाम

वो हो जाते हैं तेरे बिना खरीदे हुए  गुलाम

हम और किसी की क्या कहें अपना ही बुरा है हाल

सुना है कि जितनों को तूने लूटा है सब हुए माला माल

तो  हम भी चले आये और तेरे दर पे दे दिया धरना

अब तू दे दे प्यार या मारे जूते हमको इस से क्या करना

 

 

 

Dard ae dil

Dard ae dil ki dawa karne chale the mariz ishq ke..

Wo aane ka wada karke na aye mehboob ashiq ke..

Pehle aag thi lagi tez ki ab bujh jayegi sawan mein..

Par ab badal ko na aata dekh.. tapan bhi thandi hone lagi..

Is intzar ka bhi apna alag maza hai..

Kya kahein ki ishq mein araam hai ya saza hai..