Tujhe paane ki tamanna- Love Poem

तुझे पाने की तमन्ना कल भी थी

तुझे पाने की आरज़ू आज भी है

ज़माने की परवाह कल भी न थी

ज़माने का डर आज भी न है

तुझसे मिल के भी न मिल सकी मैं

इस ग़म का दिल में ज़ख्म है बन गया

जो मैं मर भी जाऊ अगर

खुदाया तुझे न भूल पाउ मैं

खुश रहे तू जहा भी रहे

मिल जाये तुझको हर ख़ुशी

तेरे साथ न रह सके तो क्या गिला

ख़ुशी इसी में है कि हम मिले थे कभी

(लेखिका : अनुष्का सूरी )

Tu dil mein rehta hai – love poem

तू दिल में रहता है

आँखों में पानी सा बहता है

कानो में घुंगरू सा बजता है

नींद में सपने सा लगता है

रेगिस्तान में प्यास सा

दुःख में आस सा

दिल में दर्द बनके रहता है

बातों में मिठास बनके कहता है

दिल तुझे रोज़ ढूंडा करता है

दिल तुझे रोज़ माँगा करता है

काश मुझे मिल जाता तू कभी

ये सिसक अज भी है मन में

क्या तू मेरा हो पायेगा कभी

ये आशा अज भी है मन में

यु तो तुझसे बात हम नहीं किया करते

पर तुझे नहीं पता कितना यद् तुझे करते है

कभी हमारा एक होना हो पाए जो मुमकिन

तो हमको आके  बताना बेझिझक

तेरी राह में हम तब भी

शायद आंसू बहाया करते होंगे

(लेखिका : अनुष्का सूरी )